ज्योतिष


पितृ दोष

वैसे तो इंसान के जीवन में किसी भी तरह की समस्या उसके पूर्व जन्म का प्रभाव मानी गई है, लेकिन धार्मिक नजरिए से कुछ दोष या ऋण भी कई बार लोगों के जीवन में समस्या का कारण होते हैं। ऐसा ही एक दोष या ऋण माना गया है पितृ दोष। यह दोष कुटुंब में कई तरह की परेशानियों की वजह भी माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में अलग-अलग ग्रहों के बुरे योग से बनने वाले पितृदोष को सफलता और सुख में बाधा बताया गया है। यदि कोई जन्म का सही वक्त और तारीख नहीं जानता तो वह इन साधारण बातों पर ध्यान दें। यहां बताई गई ये बातें जिसके साथ भी घटे उसे समझ जाना चाहिए कि उस पर पितृ दोष का प्रभाव है।

- धन, सुख-सुविधा, परिवार से समृद्ध होने पर भी शुभ और मंगल कार्य नहीं हो पाते।
- पुत्र या पुत्री शिक्षित और आत्मनिर्भर होने पर भी उनके विवाह में देरी या बाधाएं आती है।
- चिंता और रोगों से परेशान और बेचैन रहते हों।
- कड़ी मेहनत करने पर भी बुरे परिणाम मिलना।
- घर-परिवार के कोई भी काम पूरा होने वाला हो, तभी उसमें रुकावट आती है।
- अच्छी कमाई और धन होने पर भी बचत नहीं होती। धन फालतू कामों में खर्च हो जाता है।
- पिता और पुत्र के बीच गहरे मनमुटाव और तनाव की स्थिति बन जाती है।
- घर मे हमेशा क्लेश बना रहना और परिवार के सभी सदस्यों में आपसी मन-मुटाव।
- सगाई होकर टूट जाना या पति-पत्नी में हमेशा झगड़े बने रहना।
आगे की स्लाइड में पढ़ें, सपने और पितृ दोष


सपने और पितृ दोष- किसी को पितृ दोष हो तो उसे सपने में सांप दिखाई देंगे चाहे सांप जिंदा हो या मरा हुआ हो।


- सपने में सांप से बच रहे हों या फिर उसे मार देते है तो आपको पितृ दोष है ऐसा समझ लेना चाहिए। - पितृ दोष होने पर जंगली जानवर भी सपने में दिखाई देते हैं। सपने में जंगली जानवरों का काटना भी पितृ दोष होने का संकेत देता है।
- सपने में अपने ही घर या परिवार का मरा हुआ कोई सदस्य दिखाई देता है तो भी पितृ दोष है ऐसा जानना चाहिए।
- शास्त्रों और पुराणों में पितृओं के लिए सफेद रंग बताया गया है। इसलिए अगर सपने में सफेद कपड़े पहने कोई व्यक्ति दिखें तो भी समझ लेना चाहिए कि आपको पितृ दोष है।
- सपने में चावल या दूध दिखे तब भी आपको समझना चाहिए की आपको पितृ दोष है। ऐसे सपने आना पितृ ऋण का सूचक होते हैं।
- कई बार जाने-अनजाने हम कुछ ऐसे कार्य करते हैं। जिनसे पितृदोष का अशुभ प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। यदि कोई व्यक्ति वस्त्रहीन होकर स्नान करता है तो इसके कई दुष्प्रभाव झेलने पड़ते हैं। साथ ही, नदी में कचरा या पूजन सामग्री फेंकना भी पितृदोष को बढ़ाता है। यदि कोई व्यक्ति बहुत गुस्सा करता है तो उसे भी यह दोष अधिक प्रभावित करता है।


जिस घर में स्त्रियां दु:खी रहती हो वहां के सदस्यों को पितरों की कृपा प्राप्त नहीं होती। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि हमारे पितर हमसे प्रसन्न नहीं हैं तो देवी-देवता भी सुख और समृद्धि प्रदान नहीं करते। इसलिए ऐसे सभी कार्यों से बचना चाहिए जिनसे पितृ दोष बढ़ता है। आगे की स्लाइड में पढ़ें, कुंडली से कैसे पता चलता है पितृ दोष ...


कुंडली से कैसे पता चलता है पितृदोष- नव-ग्रहों में सूर्य पूर्वजों के प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए किसी कुंडली में सूर्य के बुरे ग्रहों के साथ स्थित होने से या बुरे ग्रहों की दृष्टि से जो दोष होता है। वह पितृ दोष कहलाता है। इसके अलावा कुंडली का नवम भाव भी पूर्वजों से संबंधित होता है।


इसलिए यदि कुंडली के नवम भाव या इस भाव के स्वामी को कुंडली के बुरे ग्रहों से दोष लगता है तो यह दोष भी पितृ दोष कहलाता है। पितृ दोष प्रत्येक कुंडली में अलग-अलग तरह के नुकसान कर सकता है।


जिनका पता कुंडली का विस्तारपूर्वक अध्ययन करने के पश्चात ही चल सकता है। पितृ दोष के निवारण के लिए सबसे पहले कुंडली में उस ग्रह या उन ग्रहों की पहचान की जाती है। जो कुंडली में पितृ दोष बना रहे हैं और उसके बाद उन ग्रहों के लिए उपाय किए जाते हैं। जिससे पितृ दोष के बुरे असर को कम किया जा सके।

 

विज्ञापन
विज्ञापन